मथुरा, जून 1 -- श्रीरामायण प्रचारिणी समिति द्वारा चित्रकूट पर आयोजित गौरांग लीला के दौरान तुलसी चरित्र लीला का प्रस्तुति करण व्यास कृष्ण मुरारी के निर्देशन में कलाकारों ने किया। इस लीला को देखकर दर्शक भाव-विभोर हो गए। तुलसी चरित्र लीला के दौरान कलाकारों ने प्रदर्शन करते हुए दिखाया कि तुलसीदास अंधियारी भादों की रात्रि में दुर्गम जंगलों, गंगा नदी को पार कर अट्टालिका पर सोयी हुई अपनी पत्नी रत्नाबाई के पास सर्प को रस्सी समझकर उसके सहारे चढ़कर ऊपर पहुंच जाते हैं। रत्ना उनसे चोरों की तरह आने पर खींझती है और ताना देती है कि जितनी आसक्ति उनकी उनमें है यदि श्रीराम में हो जाय तो उनका व उसका बेड़ा पार हो जाय। तुलसी को पछतावा होता है और वह पत्नी को गुरु मानकर उसके मोह का त्याग कर सीता-राम की ओर उन्मुख हो जाते हैं। संत हित हरिदास के शरणागत होकर मार्गद...