तुलसीदास का जीवन खुद भगवान की कृपा और भक्ति की अद्भुत कथा
चित्रकूट, अगस्त 13 -- राजापुर। गोस्वामी तुलसीदास की जयंती समारोह के दूसरे दिन प्राचीन जालपा देवी मंदिर परिसर में तुलसीदास के बाल्यकाल से जुड़े प्रसंगों और भगवान शिव-श्रीकृष्ण की लीला का मंचन हुआ। वृंदावन से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। मंचन के दौरान मंदिर परिसर में जय श्रीराम और हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे। लीला मंचन में दिखाया गया कि माता हुलसी ने अपने अबोध बालक रामबोला को दासी चुनिया को सौंप दिया था। इसके बाद माता हुलसी गोलोकवासी हो गईं। मान्यता है कि भगवान शिव की कृपा से ही बालक रामबोला के जीवन में आगे चलकर ज्ञान और भक्ति का प्रकाश हुआ। यह भी पढ़ें- Chitrakoot News: श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मंचन कर कलाकारों ने मन मोहा कलाकारों ने भगवान शिव के मथुरा-वृंदावन पहुंचने की लीला प्रस्तुत क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.