एटा, अगस्त 27 -- पुरानी बस्ती स्थित बड़े मंदिर में सुपार्श्वनाथ महामंडल विधान, पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट करके किया गया। आचार्य नयन सागर महाराज ने श्रावकों को बताया दिन की शुरुआत प्रभु, संतों का दर्शन करके करें। कभी असफल नहीं हो सकते। आचार्यश्री ने बताया कि हमारे गुरु, आचार्य निर्मल सागर महाराज कहते थे तुम चाहे ग्रंथ कम पढ़ लेना। किताबें कम पढ़ लेना। आदमी का चेहरा जरुर पढ़ लेना। गुरु के साथ उपचार विनय करो। अच्छे से अच्छा कार्य भी मनुष्य ही कर सकता है। जैन धर्म में रक्षा-बंधन वात्सल्य एवं जैन शासन की रक्षा का महापर्व है। ऋद्धि धारी विष्णु कुमार महामुनि ने हस्तिनापुर में अकंपनाचार्य सात मुनियों पर वात्सल्य भाव से श्रावण शुक्ला पूर्णिमा रक्षाबंधन पर उपसर्ग दूर किया था। किसी भी निमित्त से बने कृत्रिम पर्व रक्षाबंधन, दिवाली, अकृत्रिम सोलह ...