हापुड़, मार्च 21 -- नगर समेत , सिंभावली, बहादुरगढ़ क्षेत्र में शनिवार को तीसरे नवरात्रे पर हुई मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चाना की गई। मंदिरों में सुबह से पूजा अर्चाना करने वाले मां के भक्तों की लंबी भीड़ देखने को मिली। पंडित शिवदत्त शर्मा ने बताया कि नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा का पूजा की जाती है। मां चंद्रघंटा का रूप बहुत ही सौम्य है। मां को सुगंधप्रिय है। उनका वाहन सिंह है। उनके दस हाथ हैं। हर हाथ में अलग-अलग शस्त्र हैं। वे आसुरी शक्तियों से रक्षा करती हैं। मां चंद्रघंटा की आराधना करने वालों का अहंकार नष्ट होता है और उनको सौभाग्य, शांति और वैभव की प्राप्ति होती है। मां दुर्गा के तीसरे स्वरुप का नाम चंद्रघंटा है। इनके मस्तक में घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, इसीलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। मां चंद्रघंटा सिंह पर विराजती हैं। मां...