हरदोई, जून 17 -- संडीला। उत्तर प्रदेश में निबंधन कार्य के निजीकरण के विरोध में तहसील संडीला के अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों एवं स्टांप वेंडरों की हड़ताल लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए संबंधित शासनादेश को वापस लेने की मांग की। अधिवक्ताओं का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन कार्य को निजी हाथों में सौंपने का शासनादेश जारी किया गया है। इसका वे लगातार विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने इस निर्णय को अधिवक्ताओं के हितों के विपरीत बताते हुए इसे काला कानून करार दिया। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मो. नसीम खान एवं मंत्री नागेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में 15 जून से शुरू हुई हड़ताल बुधवार को भी उपनिबंधक कार्यालय संडीला के सामने जारी रही। यह भी पढ़ें- अधिवक्ता और बैनामा लेखकों ने ई-पंजीयन के विरोध ...