गाजीपुर, मार्च 12 -- दिलदारनगर, हिन्दुस्तान संवाद। रमजान का तीसरा अशरा शुरू हो गया है। इस दस दिन के अशरे में रोजेदार अल्लाह की ज्यादा से ज्यादा इबादत में जुटते हैं और जहन्नुम से बचाव के लिए दुआएं करते हैं। लोग रोजा रखते हुए नमाज, तरावीह और कुरान पाक की तिलावत में व्यस्त रहते हैं। कुछ रोजेदार इस दौरान एतिकाफ पर बैठकर दुनिया की तमाम चीजों से खुद को अलग कर देते हैं और दिन-रात सिर्फ अल्लाह की इबादत में लीन रहते हैं। हाजी निजामुद्दीन ने बताया कि एतिकाफ में बैठने वालों के गुनाह माफ होते हैं और उनकी जायज दुआएं अल्लाह स्वीकार करता है।एतिकाफ में लोग मस्जिद में ही रहते हैं और केवल ईद का चांद दिखने पर बाहर निकलते हैं। इस दौरान रोजेदार रोजा रखते हैं, नमाज पढ़ते हैं और कुरान की तिलावत करते हुए पूरी तरह इबादत में लीन रहते हैं। यह अशरा मुस्लिम समुदाय के...
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