देहरादून, मई 20 -- दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा कारगी स्थित जेपी प्लाजा में चल रही श्रीराम कथा में बुधवार को कथा व्यास साध्वी दीपिका भारती ने तीर्थ यात्राओं की विवेचना करते हुए कहा कि ये तीर्थ केवल बाहरी यात्राएं नहीं, बल्कि आत्म के उत्सर्ग की आंतरिक यात्राएं हैं। उन्होंने कहा कि आज तीर्थयात्राएं धीरे-धीरे पर्यटन, दृश्य आकर्षण और बाहरी आडंबरों तक सीमित होती जा रही हैं। भगवान इसलिए अवतार नहीं लेते कि मनुष्य उनकी मूर्ति बनाकर मंदिरों में पूजा करें। भगवान अवतार लेते हैं मानवता में क्रांति, समाज में परिवर्तन और विश्व व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए। उन्होंने कहा कि यह अवतरण बाहरी नहीं, बल्कि मानव के अंतरजगत में होना चाहिए। यह भी पढ़ें- केदारनाथ यात्रा पर जा रहे हैं? आसपास की इन 5 खूबसूरत जगहों को भी करें एक्सप्लोर मानव शरीर ही...