देहरादून, जून 3 -- दून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर की ओर से बुधवार को 'चार धाम यात्रा: बदलता पर्यटन स्वरूप' विषय पर एक विशेष सचित्र व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता पत्रकार संदीप गुसाईं ने सजीव छायाचित्रों के माध्यम से ऋषिकेश से बदरीनाथ के पुराने पैदल यात्रा मार्ग और गंगा घाटी की वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। संदीप गुसाईं ने बताया कि जब सड़क मार्ग नहीं थे, तब ऋषिकेश से बदरीनाथ की दूरी तय करने में करीब एक महीना लगता था और मार्ग में 84 चट्टियां (रात्रि विश्राम पड़ाव) हुआ करती थीं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऑल वेदर रोड और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट के कारण पूरी गंगा घाटी पर भारी पर्यावरणीय दबाव बढ़ गया है। अत्यधिक पर्यटकों, होटल-रिजॉर्ट्स, राफ्टिंग और कैंपिंग के चलते गंगा के पूरे ईकोसिस्टम और वन्यजीवों पर बु...