मोतिहारी, जून 16 -- मोतिहारी, नगर संवाददाता। सदर अस्पताल की आईसीयू को बने 12 साल बीत गए, लेकिन आज तक इसे ऑक्सीजन पाइपलाइन से नहीं जोड़ा जा सका। हैरानी की बात यह है कि अस्पताल परिसर में ही दो-दो ऑक्सीजन प्लांट मौजूद है, पर दोनों पिछले करीब तीन साल से खराब पड़े हैं। प्लांट में आई तकनीकी खराबी को महज कुछ हजार रुपये खर्च कर ठीक किया जा सकता था, कंपनी ने सर्विस कराने के एवज में 80 हजार रुपए की मांग की थी। लेकिन लापरवाही के कारण उसे यूं ही बंद छोड़ दिया गया। नतीजा यह है कि मरीजों के लिए जरूरी ऑक्सीजन अब निजी कंपनी से सिलेंडर मंगवाकर पूरी की जा रही है। इस लापरवाही का खामियाजा सीधे सरकारी राजस्व पर पड़ रहा है। मुफ्त में मिलने वाली ऑक्सीजन की जगह हर महीने निजी सिलेंडरों पर बीस से 25 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यानी सालाना करीब दो करोड़ रुपये से...