नई दिल्ली, नवम्बर 10 -- यूक्रेन के खेरसॉन शहर की ज्यादातर सड़कें अब सुनसान हैं। नौ महीने तक चले रूसी कब्जे के अंत और आजादी के तीन साल बाद, कभी खुशी से झूम उठने वाले शहर में फिलहाल खामोशी पसरी हुई है। 11 नवंबर 2022 को, दक्षिण यूक्रेन के इस बंदरगाह शहर के मुख्य चौक पर भीड़ उमड़ पड़ी थी - लोग नीले और पीले झंडे लहरा रहे थे, उन सैनिकों को गले लगा रहे थे जिन्होंने महीनों के रूसी कब्जे के बाद उन्हें आज़ाद कराया था। उन्हें लगा था कि अब सबसे बुरा दौर खत्म हो गया है। लेकिन युद्ध ने अपना रूप बदल लिया। द्नीप्रो नदी के उस पार से रूसी सैनिक लगातार हमले करते रहते हैं। अब ड्रोन शहरों पर मंडराते रहते हैं। लोगों के रोजगार चौपट हो गए हैं और लोग भुखमरी जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। फिर भी, जो लोग यहां टिके हुए हैं, वे कहते हैं कि सुनसान शहर में जीना भी रू...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.