पटना, अक्टूबर 31 -- रिंकू झा, पटना। डिजिटल ओवरलोडिंग, पारिवारिक और सामाजिक तनाव के कारण छोटी उम्र से ही बच्चों के व्यवहार में बदलाव आने लगा है। जिन बच्चों में व्यवहार संबंधी विकार जैसे चिड़चिड़ापन, गुस्सा या जिद करने के लक्षण पहले किशोरावस्था में देखने को मिलते थे, अब वे तीन से छह साल की उम्र में ही नजर आने लगे हैं। इसके कारण बिहेवियर डिसऑर्डर से ग्रसित बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बच्चों के व्यवहार में आ रहे इन बदलावों का खुलासा इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स, बिहार चैप्टर के अध्ययन में हुआ है। अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी अस्पतालों के शिशु रोग विभाग की ओपीडी में पहले जहां महीने में एक-दो बच्चे ही बिहेवियर डिसऑर्डर की शिकायत लेकर पहुंचते थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 40 से 50 हो गई है। जुलाई 2025 से सितंबर 2026 के बीच किए गए ...