कानपुर, जून 23 -- लक्षिता महज तीन साल की है और खेलने-कूदने की उम्र में गंभीर बीमारी ऑस्टियोमायलाइटिस से जूझ रही है। इस बीमारी की वजह से उसकी तीन बार हड्डियां टूट चुकी हैं। ऑपरेशन कराकर माता-पिता आर्थिक रूप से टूट चुके हैं। अब उन्हें चौथे ऑपरेशन की चिंता सता रही थी। उनके लिए करौली शंकर महादेव (श्री 1008 महामंडलेश्वर श्री करौली शंकर दास) फरिश्ते की तरह आए और उन्होंने लक्षिता के इलाज की जिम्मेदारी उठा ली है। उन्होंने कहा कि लक्षिता के आजीवन इलाज के दौरान जो भी चिकित्सीय खर्च होगा, वह देंगे। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह बीमारी प्रतिवर्ष एक साल में 25 से भी कम लोगों को होती है। नौबस्ता के मछरिया में रहने वाले गौरव पांडेय व गरिमा पांडेय की छोटी बेटी लक्षिता की उम्र सिर्फ तीन साल है। मासूम से चेहरे पर मुस्कान से अधिक दर्द का खौफ दिखता है। गरिमा ...