ललितपुर, जून 23 -- मड़ावरा। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी आगामी 25 जून को तीन दुलर्भ रवि, शिव और सिद्धि योगों के संयोग में मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि विधान से भगवान विष्णु की पूजा निर्जल व्रत रखने से वर्षभर की सभी 24 एकादशी के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। आचार्य गोविंद शरण पुरोहित ने बताया कि एकादशी तिथि 24 जून की शाम को छह बजकर 14 मिनट से शुरू होकर 25 जून की रात आठ बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर व्रत व पूजा 25 जून को की जाएगी। संयोगवश इस दिन बृहस्पति भी पड़ रहा है। यह भी पढ़ें- 25 को निर्जला एकादशी, बनेगा नवपंचम राजयोग जो भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है, जिससे धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। पौराणिक कथा के अनुसार महाभारत काल में भीम ने महर्षि वेदव्यास के कहने पर यह व्रत रखा था। तभी से यह व्रत भीम एकदा...