महोबा, दिसम्बर 28 -- महोबा, संवाददाता। संत कबीर अमृतवाणी सत्संग में गुरु की महिमा का बखान किया गया। सत्संग में साहित्यकारों के द्वारा स्वरचित रचनाओं की प्रस्तुतियों से माहौल भक्तिमय कर दिया। रविवार को कटकुलवापुरा में स्थित कबीर आश्रम में सत्संग की शुरुआत कबीर वंदना जय कबीर जय कबीर जय गुरु कबीरा दास तोरे द्वार खड़े उनकी हरो पीरा से हुई। समिति प्रमुख डॉ एल सी अनुरागी ने गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए तीन लोक नौ खंड में गुरु से बड़ा न कोय की व्याख्या की। कहा कि गुरु की बात मानने वाला जीवन में सफल होता है। इसलिए गुरु को भगवान से भी ऊंचा दर्जा दिया गया है। छिकहरा गांव निवासी पंडित आशाराम तिवारी ने कहा कि भगवान ने गुरु से चौसठ दिन में ही सभी विधाएं सीख ली थी। पंडित हरीशंकर नायक ने कहा कि विनम्र बनकर गुरु से संपूर्ण ज्ञान हासिल किया जा सकता है।...
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