एटा, मार्च 1 -- अलीगंज, हिन्दुस्तान संवाद। मेवाती मोहल्ला स्थित खानकाह गुलामाने नियाज़िया में तीन रोज़ा उर्स-ओ-कव्वाली का पुरअसर आगाज़ हुआ। पहले दिन की महफ़िल में अलीगंज के मक़ामी कब्बालों ने अपनी दमदार पेशकश से समां बांध दिया। रात दस बजे शुरू हुई महफ़िल सुबह चार बजे चली। जिसमें अकीदतमंदों की खासी तादाद मौजूद रही। पहले रोज़ अलीगंज के मशहूर कब्बाल शमशाद और यूनिस कब्बाल ने हम्द, नात और मनकबत पेश कर महफ़िल को रूहानियत से सराबोर कर दिया। उनकी जुगलबंदी और असरदार अदायगी पर नाज़रीन ने भरपूर दाद दी। महफ़िल के दौरान "वाह-वाह" और "सुब्हानअल्लाह" की सदाएं लगातार गूंजती रहीं। उर्स का आयोजन खानकाह गुलामाने नियाज़िया में अकीदत व एहतराम के साथ किया जा रहा है। कार्यक्रम के मुंतज़िम आयोजक मोहम्मद इब्राहिम नियाज़ी सचिव हैं। इंतज़ामिया कमेटी में मुन्ना खां,...