बरेली, जुलाई 11 -- शाहजहांपुर के तीन माह के एक बच्चे के पेट में भ्रूण मिलने का दुर्लभ मामला सामने आया है। चिकित्सकों ने आपरेशन कर बच्चे के पेट से आठ सप्ताह का अधूरा विकसित भ्रूण निकालकर उसकी जान बचाई। मेडिकल साइंस में इस स्थिति को फीटस इन फीटू कहा जाता है। इसमें जुड़वां भ्रूणों में से एक दूसरे भ्रूण के शरीर के भीतर विकसित होने लगता है। फिलहाल बच्चा स्वस्थ है और डाक्टरों की निगरानी में है। शाहजहांपुर के कलान निवासी किसान दुर्गेश और उनकी पत्नी राधा का बेटा मंजेश पिछले कुछ समय से दूध पीने के बाद उल्टी कर रहा था। उसे दूध पचने में भी दिक्कत हो रही थी। पेट में गांठ महसूस होने पर परिजन उसे जांच के लिए एक निजी मेडिकल कॉलेज ले गए। अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन में लिवर के नीचे असामान्य संरचना दिखाई दी। शुरुआती तौर पर इसे टेराटोमा ट्यूमर माना गया, लेक...