मधेपुरा, मार्च 2 -- कुमारखंड। खगोलीय और धार्मिक दृष्टि से साल 2026 का मार्च महीना अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाला है। 3 मार्च 2026 को आकाश में एक अद्भुत नजारा दिखाई देगा, जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा को पूरी तरह से ढक लेगी। इस पूर्ण चंद्र ग्रहण का प्रभाव न केवल खगोल विज्ञान बल्कि ज्योतिष शास्त्र पर भी पड़ेगा। पंडित सुशील कुमार झा ने बताया कि भारत में ग्रहण दिखाई देने के कारण इसका धार्मिक सूतक काल भी प्रभावी रहेगा। मालूम हो कि इस बार कहीं कहीं दो व तीन मार्च को और कुछ जगहों पर चार मार्च को होली है। कुछ जगहों पर दो मार्च को होलिका दहन होगा तो कहीं तीन मार्च को होलिका दहन होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार चार मार्च को होली पर्व मनाया जाना ज्यादा श्रेयस्कर होगा। साल 2026 का यह पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण दोपहर से शुरू होकर शाम तक चलेगा और हालांकि यह खगोलीय ...
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