तीन पीढ़ी से ताजिया निकाल जायसवाल परिवार बना हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक
गंगापार, जून 26 -- पिछले तैंतीस वर्षों के तीन पीढ़ी से चिलबिला बाजार का एक जायसवाल परिवार हर साल मोहर्रम पर सबसे आकर्षक ताजिया निकाल कर समूचे क्षेत्र में हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक बना हुआ है। जायसवाल परिवार की ताजिया क्षेत्र के लिए मिशाल बना हुआ है। मांडा क्षेत्र के प्रयागराज मिर्जापुर राजमार्ग पर स्थित चिलबिला बाजार निवासी गंगा प्रसाद जायसवाल ने वर्ष 1993 में ताजिया बनाना शुरू किया । वर्ष 1994 में उनकी मौत के बाद उनके बेटे माखन लाल जायसवाल ने ताजिया बनाना शुरू किया। वर्ष 2012 में माखन लाल जायसवाल की भी मौत के बाद उनके बेटे नितीश कुमार जायसवाल ने अपने परिवार के साथ ताजिया बनाना शुरू किया, यह परंपरा आज तक बदस्तूर जारी है। यह भी पढ़ें- उसरी चौक पर 150 सौ साल पुरानी रखी गई ताजिया। जायसवाल परिवार के कुल्लू जायसवाल, आकाश जायसवाल, जतिन जायसव...
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