इटावा औरैया, मार्च 9 -- हज़रत हाजी हाफिज वारिस अली शाह रहममते अलैह का तीन दिवसीय 61वां उर्स शरीफ मुकाम भरतपुर खुर्द में मिलाद शरीफ के साथ प्रारंभ हुआ था। रविवार रात महफिलें शमां कव्वालों में अकीदतमंद का सदका अता किया। अलीगढ़ के शमीम अनवर ने कलाम पढ़ा जब करेंगे करम हम पे शाहे उमंग उनकी चौखट पे हम सर के बल जायेंगे हाजिरी होगी जब पेशे महबूब रब हम नूरानी शाचे में ढल जाएंगे। मंसूर निजामी फरुखाबाद ने कलाम पढ़ा कुरवा अली के नूरे नजर हो देवा के महाराज मेरे वारिस रखो जी मेरी लाज लाज जहीर निजामी पार्टी ने कलाम पेश किया आओ वारिसी होली खेलें वारिस पिया के संग महफिलें शमां में। हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल को पेश करते हुए सिद्दीकी शाह की दरगाह पर चादर पेश की गई। इस मौके पर भाजपा नेता ज्ञानेंद्र कुमार अवस्थी, आलोक मिश्रा, कार्यक्रम के अध्यक्ष महताव वार...