गंगापार, अगस्त 7 -- लगातार तीन दिनों की झमाझम बारिश से क्षेत्र में धान की फसल को नया जीवन मिला है। खेतों में पर्याप्त नमी बनने से फसल की बढ़वार तेज हो गई है और किसान अब यूरिया खाद का प्रयोग करने में जुट गए हैं। बारिश से सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम हुआ है, जिससे किसानों को राहत मिली है। हालांकि, सरकारी केंद्रों पर यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से किसानों को निजी दुकानों से 450 से 500 रुपये प्रति बोरी की दर से खाद खरीदनी पड़ रही है, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है। एसडीओ कृषि मनीष अग्रहरि ने बताया कि मौजूदा बारिश धान की बढ़वार और कल्ले निकलने के लिए बेहद लाभकारी है। यह भी पढ़ें- Palamu News: बारिश से किसानों को राहत, उर्वरक की किल्लत में रोकने को सख्त हुए उपायुक्त उन्होंने किसानों को खेत में पर्याप्त नमी होने पर संतुलित मात्रा में ...