संभल, मई 4 -- करीब तीन दशक बाद जनपद की धरती पर एक बार फिर सूरजमुखी की सुनहरी चमक लौट आई है। कभी यहां बड़े पैमाने पर उगाई जाने वाली यह फसल समय के साथ लगभग गायब हो गई थी। वजह साफ थी, किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा था। धीरे-धीरे किसानों ने सूरजमुखी से दूरी बना ली और अन्य फसलों की ओर रुख कर लिया। एक बार फिर किसानों ने इस फसल पर भरोसा जताया है। इस वर्ष तस्वीर बदली हुई नजर आ रही है। जनपद के अलग-अलग इलाकों में 50 से अधिक किसानों ने सूरजमुखी की खेती कर एक नई शुरुआत की है। खेतों में खिले पीले-पीले फूल न केवल किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला रहे हैं, बल्कि राह चलते लोगों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। कई लोग इन खेतों के पास रुककर इस खूबसूरत नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि तिलहन फसलों की ब...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.