ललितपुर, अप्रैल 4 -- फसल के अवशेषों को खेत में ही जलाकर पोषक तत्वों को नष्ट करने से किसान मान नहीं रहे हैं। जनपद में इस माह तीन स्थानों पर फसल अवशेष के मामले आ चुके हैं। इनमें से एक स्थान पर इसकी पुष्टि हो चुकी है जबकि दो स्थानों पर कृषि और राजस्व का संयुक्त निरीक्षण करके अपनी रिपोर्ट आला अफसरों को सौंपेगा। फसलों के अवशेषों को खेत में जलाने से मृदा की उत्पादन क्षमता पर बहुत बुरा असर पड़ता है। इसके सूक्ष्म एवं वृहद पोषक तत्व आग की लपटों में नष्ट हो जाते हैं। फिर भी किसान अपनी मिट्टी को आग की लपटों के हवाले करने से बाज नहीं आता है। ऐसा करने से उठने वाला धुआं पर्यावरण के लिए बड़ी समस्या है। इसी वजह से इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीट्यूट ने एक ऐसा एप विकसित किया, जिसके माध्यम से ऐसी घटनाओं की सटीक लोकेशन संबंधित जनपदों के अफसरों को भेजकर दोषिय...
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