वॉशिंगटन, मार्च 3 -- वैश्विक राजनीति को झकझोर देने वाली एक बड़ी सैन्य कार्रवाई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिका ने शनिवार (28 फरवरी) को ईरान पर व्यापक हमला किया, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई। इस अभियान को "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" नाम दिया गया था। अब चर्चा इस बात की हो रही है कि जब अमेरिका ईरान से परमाणु मुद्दे पर बातचीत कर रहा था तो अचानक फिर अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला क्यों बोल दिया।अचानक बदला रुख दरअसल, हमले से एक दिन पहले 27 फरवरी को जब ट्रंप एयर फ़ोर्स वन से टेक्सास जा रहे थे, तब उन्होंने संकेत दिया था कि वह ईरान के साथ चल रही परमाणु वार्ताओं से संतुष्ट नहीं हैं, लेकिन उन्होंने तत्काल किसी सैन्य कार्रवाई से इनकार किया। हालांकि, उसी दिन दोपहर बा...
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