फतेहपुर, अप्रैल 6 -- फतेहपुर। आठ अप्रैल 2025 की वह खौफनाक दोपहर आज भी अखिरी गांव के सीने में एक गहरे जख्म की तरह दर्ज है, जब गोलियों की तड़तड़ाहट ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया था। आज उस बर्बर तिहरे हत्याकांड को एक साल पूरा हो रहा है, लेकिन इंसाफ की फाइलें अब भी फाइलों के बोझ तले दबी हैं। प्रशासन के झूठे वादों और सरकारी बेरुखी से आहत होकर मृतक किसान नेता पप्पू सिंह का परिवार सोमवार से अपने ही घर के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गया है। वहीं, एसडीएम खागा ने बताया कि मृतक के परिजन सामूहिक उपवास में बैठे हैं। आंसुओं का सैलाब और प्रशासन का जुमलाकिसान नेता पप्पू सिंह, उनके बेटे अभय सिंह और भाई अनूप सिंह की मौत को एक वर्ष बीत गया। उस समय संवेदनाओं का अंबार लगाने वाले आला अधिकारियों ने सुरक्षा, मुआवजे और नौकरी के जो ऊंचे-ऊंचे वादे...
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