तिलहन की खेती भी घाटे का सौदा
सीतामढ़ी, अप्रैल 16 -- सीतामढ़ी। जिले में वर्ष 2025-26 के दौरान तिलहन फसल पर बेमौसम बारिश और तेज आंधी का व्यापक असर देखने को मिला है। खेतों में खड़ी सरसों की फसल जहां गिरकर खराब हो गई। वहीं लगातार नमी और बादल के कारण दानों का विकास भी प्रभावित हुआ। इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ा है। सामान्य स्थिति में जहां प्रति हेक्टेयर 10-12 क्विंटल उपज होती थी। वह घटकर अब महज 7-8 क्विंटल रह गई है। खेती की लागत में भी इजाफा हुआ है। किसानों को फसल बचाने के लिए अतिरिक्त दवा छिड़काव, सिंचाई और मजदूरी पर अधिक खर्च करना पड़ा। वर्तमान में प्रति हेक्टेयर लागत 32 से 35 हजार रुपये तक पहुंच गई है। यह भी पढ़ें- अलसी-सरसों की फसल पर संकट, समर्थन मूल्य की मांग हालांकि बाजार में तिलहन का भाव लगभग 5400 रुपये प्रति क्विंटल है। लेकिन कम उत्पादन के कारण किसानों की कुल आमद...
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