चतरा, जनवरी 8 -- इटखोरी प्रतिनिधि मकर संक्रांति नजदीक आते ही ठंड में भी तिलकुट का बाजार गर्म हो गया है। इन दिनों यहां के बाजारों में हर ओर तिलकुट की सोंधी खुशबू से महक उठा है। इटखोरी चौक में आधा दर्जन से अधिक तिलकुट की दुकानें सजी हैं, जहां दिन रात कारीगर तिलकुट बना रहे हैं। इन दिनों दिन भर ग्राहकों से दुकानों की रौनक देखते ही बन रही है। दरअसल मकर सक्रांति पर चूड़ा-दही के साथ तिल खाने की पुरानी परंपरा रही है। ऐसे में लगभग हर हिन्दु परिवार के यहां सक्रांति को ले तिलकुट की खरीदारी निश्चित रूप से की जाती है। तिलकुट भंडार के मालिक आनंद केसरी बताते हैं की मेरे यहां बिहार के प्रसिद्ध कारीगरों के द्वारा कई वर्षों से तिलकुट बनाया जाता है। उन्होंने बताया कि तिलकुट थोक व खुदरा बिक्री की जाती है। 175 से लेकर 300 रूपये किलो तक की तिलकुट का उपलब्ध है। ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.