तिरंगे की आन में दो आतंकियों को मार गिराया, शहादत के बाद मिला शौर्य चक्र
छपरा, अगस्त 14 -- राजौरी के जंगल में गूंजी थी वीरता की गाथा, धनी छपरा के शैलेश की शहादत बनी गांव का गौरव फोटो 3 : शहीद शैलेश का फाइल फोटो फोटो 4 : जम्मू-कश्मीर के राजौरी में आतंकवादियों की गोली से शहीद मांझी के धनी छपरा स्थित सुनसान पड़ा पैतृक आवास जरा याद करो कुर्बानी मांझी, एक संवाददाता। मातृभूमि की रक्षा का संकल्प जब जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य बन जाए, तो शहादत भी इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय बन जाती है। मांझी प्रखंड के धनी छपरा गांव की मिट्टी ने ऐसे ही वीर सपूत को जन्म दिया, जिसने जम्मू-कश्मीर की धरती पर आतंकवाद के खिलाफ लड़ते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। सेवानिवृत्त सैन्य जवान स्व. रामेश्वर सिंह के पुत्र और 63 राष्ट्रीय राइफल्स, 14वीं बटालियन बिहार रेजिमेंट के कमांडो शैलेश कुमार सिंह ने 2 अप्रैल 2010 को राजौरी के घने जंगल में आतंकवाद...
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