देहरादून, मार्च 12 -- तिब्बती समुदाय ने गुरुवार को तिब्बती राष्ट्रीय महिला विद्रोह दिवस की 67 वीं वर्षगांठ के मौके पर दून में शांति मार्च निकाला। इस दौरान भारी संख्या में तिब्बती समाज के लोगों ने तिब्बत में मानवाधिकार की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई। क्षेत्रीय तिब्बतन वूमेन एसोसिएशन के सदस्य शांति मार्च की शक्ल में परेड ग्राउंड घंटाघर, बुद्धा चौक होते हुए लैसडौन चौक पहुंचे। जहां पर तिब्बत की स्वायत्तता के लिए संघर्ष करने वाली महिला कार्यकर्ताओं को श्रद्धाजंलि दी गई। तिब्बती समाज के लोगों का कहना था कि संयुक्त राष्ट्र प्रभावी रुप से तिब्बत में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन पर हस्तक्षेप करे। तिब्बतियों को धार्मिक आजादी नहीं है। पंचेन लामा की सुरक्षित रिहाई की भी मांग उठाई। तिब्बत से जुड़े हिमालयी क्षेत्रों में बड़ी परियोजनाओं के कार्य और उससे प...