फतेहपुर, अप्रैल 29 -- फतेहपुर। पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का उद्देश्य आज भी अधूरा है। तालों में जकड़े पंचायत भवनों से मूल सुविधाओं से ग्रामीण वंचित होते है। सचिवालयों की पड़ताल कराने पर हकीकत सामने आई तो अफसर भी सख्त हो गए। तालों में बंद पंचायत खुलना शुरू हो गए और जिम्मेदारों द्वारा काम कराया जा रहा है। जिले की 23 ब्लाकों के 816 ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों के लिए सचिवालयों से मिलने वाली सुविधाएं दिए जाने का दावा किया जाता है लेकिन हकीकत में कुछ और ही बया करती है। कई पंचायत भवन खंडहर पड़े है तो कई तालों में बंद रहते है। आय जाती, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भी ग्रामीण दूरदराज दौड़ लगाने को मजबूर होते है। हिंदुस्तान द्वारा की पड़ताल में हकीकत सामने आ गई। अफसरों ने संज्ञान में लेते हुए संबंधित को नोटिस जारी करते हुए सख्त निर्देश...
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