ताला-तालीम के बाद खेल का हब बन रहा अलीगढ़
अलीगढ़, जून 11 -- अलीगढ़। वरिष्ठ संवाददाता। पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे होगे खराब...यह पुरानी कहावत अब पूरी तरह बदल चुकी है। आज अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर दुनिया भर के शिक्षाविद और वैज्ञानिक इस बात पर जोर दे रहे हैं कि बच्चों के मानसिक, सामाजिक और रचनात्मक विकास के लिए खेल उतने ही जरूरी हैं जितनी कि किताबी शिक्षा। ताला और तालीम के लिए दुनिया भर में मशहूर हमारा अलीगढ़, अब खेल के मैदान में भी एक नई इबारत लिखने को तैयार है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और जिला प्रशासन की मुस्तैदी से यहाँ खेल का एक सकारात्मक और ऊर्जावान माहौल तैयार हो रहा है। यह भी पढ़ें- अलीगढ़ में सेंट्रम रिचार्ज ने दिया रोज की थकान से निपटने का आसान मैसेज यूनिसेफ और विश्व स्वास्थ्य संगठन के हालिया अध्ययनों के अनुसार, जो बच्चे प्रतिदिन कम से कम 60 मिनट शारीरिक ...
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