रांची, जुलाई 28 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने पाकुड़ में तालाब की जमीन पर बने भवन को ध्वस्त करने की प्रशासनिक कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार करते हुए पहले भवन मालिक और उसके बाद किरायेदारों की याचिकाएं खारिज कर दीं। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने स्पष्ट कहा कि पूर्व में पारित न्यायालय के आदेश के विपरीत कोई अंतरिम राहत देना न्यायिक मर्यादा के विरुद्ध होगा। भवन मालिक धर्मेंद्र सिंह ने याचिका में ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने की मांग करते हुए दावा किया था कि संबंधित भूमि रैयती है तथा तालाब उन्होंने खुद खुदवाया था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 की उस रिट याचिका में उन्हें पक्षकार नहीं बनाया गया था, जिसके आधार पर प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। अदालत ने कहा कि वर्ष 2015 में पारित आदेश में संबंधित भूमि को तालाब के रूप में बहाल करने और विधि सम्मत प्रक्र...