फतेहपुर, मई 18 -- फतेहपुर। भूजल स्तर बढ़ाने के लिए जल संरक्षण के साथ तालाबों को संरक्षित करने और लाखों खर्च करके अमृत सरोवर योजना धरातल पर उतारा गया। जल संरक्षण के दावे तो दूर सरोवरों का पानी संरक्षित कराने में नाकामी हाथ लगी है। नतीजन अधिकांश अमृत सरोवर तालाब सूखकर मैदान में तब्दील हो गए तो कुछ बदहाली के आंसू बहा रहे है। पशुओं का हलक सुख रहा है और पशुपालक की समस्या बढ़ी है। जिले के 13 ब्लाक की 816 ग्राम पंचायतों में 279 अमृत सरोवर तालाब जल संरक्षण का उद्देश्य पूरा करने के लिए लाखों की लागत से निर्मित कराया गया। पंचायतों में तालाबों की स्थापना के बाद से अफसर और जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारियों को भूल गए। स्थिति यह है कि अधिकांश तालाब सूखकर मैदान के रूप में तब्दील हो गए है। भीषण गर्मी में पानी का अभाव पशुओं की प्यास नहीं बुझा पा रहा। जिससे पशु...