गंगापार, मई 2 -- इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए सभी के लिए पेयजल पहली जरूरत है। इसके लिए जहां आमजन हैंडपंप या अन्य विकल्प पर निर्भर रहते हैं, वहीं पशु-पक्षियों के लिए गांव के तालाब-पोखर ही मात्र एक सहारा हैं। किन्तु जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण गांव के तमाम तालाब सूखे पड़े हैं। जिसके चलते निराश्रित गोवंश हो या पशु-पक्षी पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। बता दें विकासखंड उरुवा क्षेत्र के अमिलिया कलां, उरुवा, लेहड़ी, ऊंचडीह सहित आदि कई गांवों के तालाबों के साथ नहरों में सिर्फ धूल उड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जलाशयों के सुखने से बेजुबान पशु-पक्षी बेहाल हैं। यह भी पढ़ें- पंप नहर पकरी सेवार व बेलन नहर का संचालन ठप, पशु पक्षी बेहाल उरुवा गांव के ग्रामीण अधिवक्ता मांडवी पांडेय, नित्या पांडेय व लेहड़ी के राजा दोगारी बताते है...
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