फतेहपुर, फरवरी 28 -- फतेहपुर, संवाददाता। जलकुंभी, गंदगी से पटे तालाब अस्तित्व खोने की कगार पर खड़े है, जिन्हे नया जीवन देने की कवायद शुरु हो गई है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सौ तालबों को प्लास्टिक मुक्त कर मॉडल के रुप में विकसित करने की तैयारी चल रही है। नालियों से जुड़े तालाबों को चिंहित करके जलस्तर बढ़ाने और ग्रे वाटर प्रबंधन मजबूत होगा। प्रथम चरण में बड़ी पंचायतों के तालाब चयनित कर शासन को भेजा जा चुका है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में घरों से निकलने वाला दूषित पानी, प्लास्टिक तालाबों में पहुंचने से दूषित होता है। कूड़ा कचरा से बायोकेमिकल आक्सीजन डिमांड व कैमिकल आक्सीजन डिमांड अधिक हो गई है। इसी से तालाबों का अस्तित्व खतरे में है और जलीय जीवन भी समाप्त होता जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रे-वाटर व प्लास्टिक प्रबंधन को लेकर माडल ताल...
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