नई दिल्ली, अक्टूबर 28 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि एसआईआर के दौरान मतदाताओं के विवरण की जांच के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा इस्तेमाल की जा रही 'तार्किक विसंगति' श्रेणी की वैधता पर उसने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि पश्चिम बंगाल में इस प्रक्रिया के लिए दी गई पिछली अनुमति केवल एक अंतरिम (अस्थायी) व्यवस्था थी। पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार एसआईआर मामले में दिया गया फैसला एसआईआर के हर मुद्दे पर अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता। यह टिप्पणी तब की गई जब दिल्ली में चल रहे एसआईआर के दौरान मतदाताओं को भेजे गए नोटिसों में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाने वाली एक याचिका पर सुनवाई हो रही थी। यह भी पढ़ें- जब नाम 2026 की वोटर लिस्ट में था, तो ह...