मुंगेर, मई 12 -- तारापुर,निज संवाददाता। तारापुर-बांका सीमा पर स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ तिलडिहा मंदिर में मंगलवार को आस्था का जनसैलाब उमड़ा, लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा भगवान भरोसे दिखी। मंदिर जाने वाले जर्जर पुल पर इतनी भीड़ थी कि लोगों को कदम रखने तक की जगह नहीं मिल रही थी। हालात ऐसे बने कि सैकड़ों श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर उफनती बदुआ नदी को पैदल पार करने को मजबूर हो गए। तेज बहाव में महिलाएं और बच्चे बहने लगे, जिन्हें स्थानीय ग्रामीणों ने किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाला। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि, इतने बड़े धार्मिक स्थल पर प्रशासन की ओर से सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन की कोई प्रभावी व्यवस्था नजर नहीं आई। पुल पर छोटे-बड़े वाहनों की घंटों जाम लगी रही, जिससे लोग पुल पर ही फसे रहे। दूसरी ओर 300 मीटर रिवर फ्रंट निर्माण कार्य की ...