रायबरेली, अप्रैल 9 -- रायबरेली। सड़क निर्माण में काम आने वाले तारकोल की कीमतें बढ़ने से सड़कों की मरम्मत और निर्माण के काम में खलल पड़ गया है। ठेकेदारों ने तारकोल की महंगाई की बात कहते हुए काम करने से मना कर दिया है। ठेकेदारों का कहना है कि टेंडर की शर्तानुसार तारकोल की महंगाई मध्य पूर्व में हो रही जंग के चलते आई है। ऐसे में इसे आपदा मानकर ठेका रिवाइज किया जाना चाहिए। बहरहाल, अभी शासन तक इस मामले की आंच नहीं पहुंची है, लेकिन पीडब्ल्यूडी अधिकारी मामले को बैलेंस करने में लगे हैं। दरअसल, सड़क निर्माण में उपयोग होने वाले तारकोल (बिटुमेन) की कीमतों में हाल ही में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे निर्माण कार्यों की लागत पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, पहले जो तारकोल करीब 50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध था, उसकी कीमत अब बढ...