नई दिल्ली, नवम्बर 7 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। पेरिस जलवायु समझौते के तहत सदी के आखिर तक तापमान बढ़ोतरी को डेढ़ डिग्री तक सीमित रखने के रास्ते अभी बंद नहीं हुए हैं। अभी भी ऐसा कर पाना संभव है। क्लाईमेट एनालिसिस की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार यदि दुनिया के सभी देश सर्वाधिक ऊंचे लक्ष्यों के साथ जलवायु खतरे से निपटने के लिए कार्य करें तो यह संभव है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को रोकने के लिए मौजूदा समय में दुनिया की रफ्तार सुस्त है। इसने धरती को बेहद गर्म मुहाने पर पहुंचा दिया है, लेकिन अभी भी उम्मीदें हैं। यदि सभी देश सबसे ऊंची संभव महत्वाकांक्षा (एचपीए) के साथ आगे बढें तो तापमान बढ़ोत्तरी को डेढ़ डिग्री पर रोका जा सकता है। रिपोर्ट में मौजूदा उत्सर्जन स्तर और तकनीकी प्रगति को जोड़कर बताया गया है कि अगर दुनिया अ...
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