गाजीपुर, अगस्त 4 -- रेवतीपुर, हिन्दुस्तान संवाद। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बावजूद किसानों के सामने सिंचाई का गंभीर संकट है। मानसून की बेरुखी के बीच नहरों और माइनरों में भी पानी नहीं छोड़ा गया है। जिसके कारण धान की रोपाई और फसलों की सिंचाई पूरी तरह निजी पम्पसेटों पर निर्भर हो गई है। सबसे बुरी हालत ताड़ीघाट रजवाहा की है। इसमें पानी नहीं होने से किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं। क्षेत्र के किसान बाउल सिंह, राजू श्रीवास्तव,अनीश, हरिपाल राय आदि ने बताया कि धान के लिए इस समय पर्याप्त पानी की आवश्यकता है। लेकिन सिंचाई विभाग की उदासीनता के चलते नहरें और माइनरें सूखी पड़ी हैं। किसानों का कहना है कि गंगा नदी में पर्याप्त जल उपलब्ध होने के बावजूद नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाना समझ से परे है। किसानों ने आरोप लगाया कि ताड़ीघाट रजवाहा में मांग के अनुसा...