ताकि नशे की गिरफ्त में न आएं युवा
नई दिल्ली, अगस्त 5 -- बद्री नारायण,कुलपति, टीआईएसएस, मुंबई इन दिनों उच्च शिक्षा संस्थानों, खासकर विश्वविद्यालयों में स्नातक (ग्रेजुएशन) और परास्नातक (एमए) पाठ्यक्रमों में नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। छात्र अब उच्च शिक्षा के लिए घर-परिवार से दूर कैंपस में रहकर पढ़ने आने लगे हैं। अगर आप किसी कैंपस से जुड़े हैं, तो आपको छात्रों और अभिभावकों में चिंता और कई तरह के तनाव साफ-साफ दिख जाएंगे। कई अभिभावक आपसे कहते मिलेंगे कि मेरा बेटा या बेटी कुछ कमजोर है, इसका ध्यान रखिएगा। कई माता-पिता उनके मानसिक स्वास्थ्य या अन्य सेहत संबंधी समस्याएं इसलिए जाहिर नहीं करते कि कहीं इससे बेटे या बेटी के नामांकन पर असर न पड़ जाए। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन स्वास्थ्य जांच से जुड़ी रिपोर्ट भी देखता है, लेकिन मानसिक सेहत को आसानी से समझना कठिन होता है। विश्ववि...
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