शाहजहांपुर, नवम्बर 17 -- एक माह बीतने को है, लेकिन तांत्रिक अनिल कश्यप उर्फ अन्नू की नृशंस हत्या का प्रकरण अनसुलझा है। जांच पड़ताल कर हत्या का खुलासा तो दूर पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज करने की भी जरूरत नहीं समझी है। हत्या जैसे गंभीर अपराध के मामले में भी टालू रवैया पुलिस कार्यप्रणाली का हिस्सा बन चुका है। तांत्रिक अनिल कश्यप उर्फ अन्नू की हत्या का प्रकरण पुलिस कार्यप्रणाली की ज्वलंत बानगी है। बिजलीघर के पीछे जंगल में अधेड़ अनिल कश्यप उर्फ अन्नू पुत्र बनवारी लाल कश्यप की लाश विगत 21 अक्टूबर की शाम उसकी झोपड़ी के पास नाले में पुआल से ढकी मिली थी। किसानों ने लाश देखी तो चर्चा फैली। पुलिस ने सूचना पर शव कब्जे में लेकर पीएम कराया। फारेंसिक टीम ने भी घटना स्थल पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए थे। मृतक की पीएम रिपोर्ट में कई पसलियां टूटी होने के साथ ...
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