अलीगढ़, दिसम्बर 27 -- अलीगढ़, संवाददाता। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा के विरोध में डॉ. लक्ष्मी आर्टिस्ट ने एक मार्मिक और प्रतीकात्मक पेंटिंग तैयार की ह। जो इंसानियत को झकझोरने का काम कर रही है। यह पेंटिंग पारंपरिक रंगों से नहीं, तवे की काली करछी और दीपक की लौ से बनाई गई है। डॉ. लक्ष्मी ने बताया कि काली करछी मरी हुई संवेदनाओं और खत्म होती इंसानियत का प्रतीक है। जबकि दीपक की लौ उस घर के बुझ चुके चिराग को दर्शाती है। जो परिवार का इकलौता कमाने वाला था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब निर्दोष लोगों को सड़कों पर पीट-पीटकर और जिंदा जला दिया जाता है, तो उनके माता-पिता और बच्चों की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा। उन्होंने बांग्लादेश सरकार, पुलिस-प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से कहा कि आपकी चुप्पी में लोग जल रहे हैं, यह हिंसा आखिर ...
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