विधि संवाददाता, अप्रैल 28 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक फैसले महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि यदि आपसी सहमति से तलाक की डिक्री पारित होने के बाद, लेकिन राशि प्राप्त करने से पहले ही पत्नी की मृत्यु हो जाती है, तो उसकी मां उस धन को प्राप्त करने की कानूनी उत्तराधिकारी होगी। न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र ने यह फैसला किरन रायकवार (मृतक) की मां की ओर से दायर याचिका पर दिया है। याचिका में फैमिली कोर्ट बांदा में जमा 16 लाख देने की मांग की गई थी। इस मामले में हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13-बी के तहत पति-पत्नी ने आपसी सहमति से तलाक लिया था, जिसमें समझौते के तौर पर पत्नी को 20 लाख रुपये दिए जाने थे। इसमें से 4 लाख रुपये का भुगतान पहले ही हो चुका था, जबकि शेष 16 लाख रुपये का चेक तैयार होने के कुछ ही दिन पहले महिला की मृत्यु हो गई। अदालत ने अपने निर्णय में हि...