नई दिल्ली, अप्रैल 7 -- क्षमा शर्मा,वरिष्ठ पत्रकार हाल ही में उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में एक अनोखी घटना देखने को मिली। यहां के रिटायर्ड जज ज्ञानेंद्र शर्मा की बेटी का विवाह साल 2018 में हुआ था। खबर के मुताबिक, विवाह के बाद से ही बेटी प्रणिता को परेशान किया जाने लगा था। अंतत: उसने तलाक के लिए आवेदन किया। इसी 3 अप्रैल को तलाक मंजूर हुआ, तो प्रणिता को फूल-मालाएं पहनाई गईं। अदालत से अपने घर तक का रास्ता उसने ढोल बजाते, खुशी मनाते तय किया। बकौल प्रणिता- 'परिवार से पूरा समर्थन मिला, जिससे लड़ने की ताकत मिली। तमाम लड़कियों से कहूंगी कि कोई परेशान करे, तो चुप न रहें।' प्रणिता के पिता ने कहा कि मेरी बेटी शादी से दुखी थी, तो उसे खुशियां देना मेरा दायित्व था। वह ढोल-नगाड़ों के बीच विदा हुई थी। आज उसे उसी सम्मान के साथ वापस लेकर आया हूं। कोई मुआवजा भ...
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