तराई में बारिश की उम्मीदें जगाकर लौट जा रहे बादल
सिद्धार्थ, अगस्त 31 -- इटवा, हिन्दुस्तान संवाद। भादो का महीना चल रहा है, लेकिन तराई में मानसून किसानों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहा है। बारिश की रफ्तार कमजोर होने से खेतों की प्यास नहीं बुझ पा रही है। रविवार की सुबह से आसमान में घने बादल छाए रहे, जिससे बारिश की उम्मीद जगी, लेकिन कहीं-कहीं सिर्फ झींसी ही पड़ी,जोरदार बारिश नहीं हुई। दिन चढ़ने के साथ धूप और बादलों की आंखमिचोली शुरू हो गई, जो देर शाम तक जारी रही। पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। रविवार को पूरे दिन वातावरण में नमी बनी रही। इससे उमस ने लोगों को खूब परेशान किया। बादल छाने के बावजूद बारिश नहीं होने से मौसम का असर राहत देने वाला नहीं रहा। खेतों में फसलों को जिस पानी की जरूरत है, वह फुहारों से पूरी नहीं हो पा रही है। खासकर धान की फसल के लिए लगातार बारि...
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