सिद्धार्थ, जुलाई 13 -- इटवा, हिन्दुस्तान संवाद। तराई के आंगन में मानसून रफ्तार पकड़ने लगा है। आसमान पर बादलों का डेरा बना हुआ है और कभी फुहारें तो कभी रिमझिम बारिश हो रही है। हालांकि यह बारिश अभी धरती की पूरी प्यास बुझाने के लिए पर्याप्त नहीं है, लेकिन खेती-किसानी के लिए राहतभरी साबित हो रही है। शनिवार रात से लेकर रविवार सुबह तक जिले के विभिन्न हिस्सों में हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहा। दिन में बारिश थम गई, लेकिन बादलों की आवाजाही बनी रही। इससे उमस भरी गर्मी से लोगों को पूरी राहत नहीं मिल सकी।रिमझिम बारिश का सबसे सकारात्मक असर खेतों में दिखाई देने लगा है। पर्याप्त न सही, लेकिन रुक रुककर हो रही हल्की बारिश से धान की रोपाई ने गति पकड़ ली है। खेतों में किसानों की चहल-पहल बढ़ गई है और लंबे इंतजार के बाद कृषि कार्यों में रौनक लौट आई है। किसान म...