सिद्धार्थ, मई 8 -- सोहना, हिन्दुस्तान संवाद। तराई के आंगन की उपजाऊ मिट्टी तेजी से कठोर होती जा रही है इससे इसकी जल अवशोषण क्षमता प्रभावित हो रही है। सोहना कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रवेश कुमार ने इसे खेती और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर खतरा बताया है।

क्यों सख्त हो रही मिट्टी उन्होंने कहा कि यदि समय रहते किसानों ने खेती के तौर-तरीकों में बदलाव नहीं किया तो उत्पादन लागत बढ़ने के साथ फसल उत्पादकता और गुणवत्ता पर भी सीधा असर पड़ेगा। डॉ. प्रवेश कुमार ने बताया कि मृदा पृथ्वी पर जीवन का आधार है लेकिन अवैज्ञानिक खेती ने इसकी संरचना को नुकसान पहुंचाया है। सिद्धार्थनगर समेत तराई के आंगन में खेतों के नीचे कठोर परत बनने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसके पीछे फसल अवशेष जलाना, केवल रोटावेटर से जुताई करना और धान-गेहूं आधारित फसल चक्र मुख...