कानपुर, अगस्त 7 -- कानपुर। व्यापार एवं पेशे से आय अर्जित करने वाले करदाताओं को आयकर रिटर्न दाखिल करते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी। टीडीएस की राशि निर्धारित समय तक जमा नहीं की गई तो संबंधित खर्च पर केवल 70 प्रतिशत तक ही कर छूट मिलेगी। यही नियम साझेदारों को दिए जाने वाले ब्याज और पारिश्रमिक पर भी लागू होगा। यह जानकारी टैक्स बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित कर गोष्ठी में कर विशेषज्ञ संतोष कुमार गुप्ता ने दी। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न 31 अगस्त तक दाखिल किए जाने हैं। इन मामलों में आयकर अधिनियम की धारा 44एबी के तहत टैक्स ऑडिट अनिवार्य है, उनकी ऑडिट रिपोर्ट सितंबर तक अपलोड होगी। ऐसे करदाता अक्टूबर तक रिटर्न दाखिल करेंगे। लाभ-हानि खाते में दर्शाई गई आय या हानि को आयकर नियमों के अनुसार, संशोधित कर ही रिटर्न में घोषित क...