चित्रकूट, मई 12 -- चित्रकूट, संवाददाता। दीनदयाल शोध संस्थान ने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में ऊर्जा संरक्षण में हमारी भूमिका पर संगोष्ठी का आयोजन किया। जिसमें खासतौर पर ऊर्जा संरक्षण को लेकर जोर दिया गया। ग्रामोदय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो भरत मिश्रा ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण हमारी नैतिक जिम्मेदारी है, इसलिए हम सबको इसका संरक्षण करना चाहिए।करह आश्रम के महंत माधवदास ने कहा कि हमें तमोगुण छोड़कर रजोगुण एवं सतोगुण वाली ऊर्जा संरक्षित करनी चाहिए। इसके साथ ही वाणी पर संयम रखना भी जरुरी है। कहा कि हनुमान जी ने सबसे अधिक ऊर्जा का संचय किया है, तभी वह समुद्र पार कर वापस आ सके। इस तरह सभी को आंतरिक एवं वाह्य दोनों क्षेत्र की ऊर्जा का संरक्षण व संचय करना चाहिए। प्रो आंजनेय पांडेय ने कहा कि ऊर्जा के नवीनीकृत स्रोतों का उपयोग अधिक करना चाहिए। प्र...