चेन्नई, जून 19 -- सुप्रीम कोर्ट में शु्क्रवार को उस मामले की सुनवाई हुई, जिसमें तमिलनाडु की विजय सरकार के खिलाफ विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए गए थे। मदुरै के रहने वाले केके रमेश ने अपनी याचिका में कहा था कि तमिलनाडु में सबसे बड़ी पार्टी बनने के बाद टीवीके ने सरकार बनाने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त की। इसलिए पूरे मामले की सीबीआई से जांच करवाई जानी चाहिए और जब तक फैसला न आ जाए, तब तक वहां राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने इस पिटीशन को अस्पष्ट बताते हुए सुनने से इनकार कर दिया। पिटीशन में राज्यों में सत्ताधारी पार्टियों द्वारा रिश्वत या दबाव जैसे भ्रष्ट तरीकों से किए जा रहे कथित राजनीतिक दलबदल पर कोर्ट के दखल की मांग की गई थी। पिटीशनर के वकील, एडवोकेट जेआर सुकिन की बात ...